शहीद हैप्पी सिंह की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। हर आंख नम हुई। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय, शहीद हैप्पी सिंह अमर रहे के लगाए नारे।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र नगरोटा बगवां के गांव लिली के शहीद जवान हैप्पी सिंह की पार्थिव देह गुरुवार को तीन दिन बाद पैतृक गांव पहुंची। बेटे की पार्थिव देह को देखकर माता-पिता, बहन बेसुध हो गए। तो वहीं अंतिम झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
खराब मौसम की वजह से हुए विलंब के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बड़ोह चौक पर पहुंचकर अपने लाड़ले का स्वागत किया तथा सेना के वाहन में सुसज्जित पार्थिव शरीर को वाहनों के काफिले और जुलूस की शक्ल में पैतृक गांव ले जाया गया।
रास्ते में स्कूली बच्चों और बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें बच्चे बुजुर्ग तथा महिलाएं भी शामिल थीं। सभी ने नम आंखों से पुष्पवर्षा की तथा सम्मान में नारे लगाए। इस दौरान समूचे क्षेत्र में माहौल गमगीन रहा तथा हर आंख नम दिखी।
काबिलेगौर है कि लिली गांव के 25 वर्षीय युवक हैपी की सोमवार को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। शहीद हैप्पी भारतीय सेना 26 पंजाब रेजिमेंट में लेह में सेवारत थे। कड़ाके की ठंड में ग्लेशियर में अपनी ड्यूटी के दौरान मृत्यु से दो दिन पूर्व तबीयत बिगड़ जाने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद शहीद हैप्पी का बीते सोमवार को सुबह निधन हो गया।
जब से हैप्पी के देहांत की सूचना मिली है तब से परिवार में तीनों ने अन्न का एक दाना तक ग्रहण नहीं किया है। पड़ोसियों ने भी चूल्हा नहीं जलाया। पूरा गांव गमगीन है। शहीद हैप्पी सिंह की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। हर आंख नम हुई। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय, शहीद हैप्पी सिंह अमर रहे के नारे लगाए।
शहीद हैप्पी अविवाहित थे जबकि उनकी एक छोटी बहन भी है। पिता विनीत कुमार मौजूद समय मे गांव में एक सब्जी की दुकान चलाते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। जबकि माता गृहणी हैं।

