शिव मंदिर में 21 से शुरू हो रहे सावन माह के सोमवार मेलों के चलते मंदिर ट्रस्ट ने शिवभक्तों के लिए की विशेष व्यवस्था
बैजनाथ – आशुतोष
ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में 21 जुलाई से आरंभ हो रहे सावन माह के सोमवार मेलों के चलते मंदिर ट्रस्ट द्वारा शिवभक्तों के लिए विशेष जलाभिषेक की व्यवस्था की जा रही है। शिव भक्त गर्भ गृह में तो प्रवेश नहीं कर सकेंगे। अलबता वह भोलेनाथ को पूरा नहीं जल अर्पित कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैजनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन माह के दौरान पवित्र शिवलिंग पर जल अर्पण की विशेष व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट द्वारा की जा रही। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को निर्बाध रूप से जलाभिषेक का अवसर प्रदान करना है।
नवीन व्यवस्था की विशेषताएं यह रहेंगी कि गर्भगृह के बाहरी परिसर में स्थित पत्थर के पिलर के पास एक स्टैंड स्थापित किया जाएगा। इस स्टैंड पर पीतल की बड़ी गागर रखी जाएगी, जिसमें श्रद्धालु जल अर्पित कर सकेंगे। गागर से तांबे की पाइप के माध्यम से जल शिवलिंग के ऊपर रखी एक अन्य गागर में पहुंचेगा। यह गागर निरंतर शिवलिंग पर जल गिराने का कार्य करेगी, जिससे श्रद्धालु पूरे दिन जलाभिषेक कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता प्रदान करते हुए मंदिर न्यास ने यह सुनिश्चित किया है कि जलाभिषेक की यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप हो। सावन माह में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन हेतु आते हैं।
ऐसे में यह व्यवस्था भीड़ प्रबंधन में भी सहायक सिद्ध होगी, क्योंकि शिव भक्तों की ज्यादा संख्या के चलते गर्भ गृह में प्रवेश निषेध रहता है। नई व्यवस्था के अनुसार सावन माह एवं महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालु पूरे दिन जलाभिषेक कर सकेंगे।
यह विशेष व्यवस्था केवल सावन माह और महाशिवरात्रि तक सीमित रहेगी। अन्य सामान्य दिनों में, पूर्ववत व्यवस्था लागू रहेगी, जिसके अंतर्गत श्रद्धालु प्रात: 4:00 बजे आरती के उपरांत से लेकर प्रात: 10:00 बजे तक ही गर्भ गृह में जल अर्पित कर सकेंगे।
मंदिर ट्रस्ट द्वारा यह भी व्यवस्था की गई है कि सावन माह के प्रत्येक सोमवार को गर्भगृह में एक पुजारी एवं मंदिर न्यास का एक ट्रस्टी ड्यूटी के अनुसार उपस्थित रहेगाए जिससे पूजा.पाठ की प्रक्रिया विधिवत संपन्न हो सके।
एसडीएम बैजनाथ संकल्प गौतम के बोल
मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम बैजनाथ संकल्प गौतम का कहना है कि इस विशेष व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जाएगीए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील भी की है कि वे व्यवस्था का पालन करें और सहयोग प्रदान करें, जिससे सभी को सुगमता से दर्शन हो सकें।

