बारिश-बर्फबारी से धौलाधार में लौटी रौनक, पर्यटन और खेती-बागवानी को मिली संजीवनी!

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हिमखबर डेस्क

भारी बर्फबारी और बारिश के साथ हिमाचल प्रदेश में करीब साढ़े तीन महीने का ड्राईस्पेल खत्म हो गया है. बारिश के साथ हुई बर्फबारी से धौलाधार ने चांदी की चादर ओढ़ ली है. पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज, धर्मकोट, त्रियूंड सहित नड्डी, ठठारना के निचले क्षेत्र में भी बर्फबारी से पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है. शनिवार सुबह तक धर्मशाला के मैक्लोडगंज, भागसूनाग, नड्डी, खनियारा के खड़ौता, थातरी, योल तक बर्फबारी हुई है. पर्यटक बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं.

बर्फबारी से पर्यटन कारोबार में तेजी की उम्मीद

बर्फबारी के बाद आगामी दिनों में पर्यटन कारोबार के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई है. बारिश ने किसानों एवं बागवानों को राहत प्रदान की है. कांगड़ा जिले की धौलाधार पर्वत श्रेणी की ऊंची पहाड़ियों पर हिमपात का दौर जारी है, जबकि रूक-रूक कर बारिश का क्रम जारी है.

बागवानी और किसानों का कहना है कि ये बारिश-बर्फबारी फसलों और फलदार पौधों के लिए संजीवनी साबित हुई है. बारिश और बर्फबारी होने के बाद अब बागवान प्लम, आड़ू, सेब, नाशपाती, कीवी और जापानी फल की पौध लगा पाएंगे. एक से दो साल के पौधों के सूख जाने की चिंता से भी अब बागवानों को राहत मिली है.

सुबह धौलाधार की पहाड़ियां चांदी के श्रृंगार के साथ नजर आईं. निचले क्षेत्रों में बारिश के साथ हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है. धुंध दिन भर पहाड़ों में पड़ी सफेद बर्फ को बार-बार ढकती नजर आई. बागवानी क्षेत्र को इस बारिश और हिमपात से संजीवनी मिली है. बारिश से लोगों को सूखी ठंड की बीमारियों से छुटकारा भी मिलेगा. कागड़ा जिले में गुरुवार रात शुरू हुई बारिश के साथ तेज तूफान चला.

बारिश-बर्फबारी बागवानों-किसानों के लिए संजीवनी

बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के साथ ही आड़ू, सेब, प्लम, नाशपाती, कीवी और जापानी फल आदि के पौधे लगाए जा सकेंगे. प्रदेश के सबसे बड़े कृषक जिले कांगड़ा के कई हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र में फसलों के नमी की कमी से पीली पड़ने की समस्या में बारिश राहत बन बरसी है.

मौसम का क्रम ऐसा रहा तो इससे कृषि क्षेत्र को लंबे सूखे से नुकसान से राहत मिल पाएगी. कई जगह बारिश न होने के कारण किसान खेती नहीं कर पा रहे थे. ऐसे में लंबे ड्राईस्पेल के बाद हो रही बारिश खेती के लिए संजीवनी बन गई है. लंबे समय से बारिश न होने के चलते पेयजल योजनाएं भी प्रभावित होने लगी थीं. अब इस बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली है.

इन क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी की संभावना

वहीं, मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले घंटों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. बर्फबारी से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

वहीं, जिला कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बेरवा ने खराब मौसम होने के कारण सभी ट्रेकिंग साइट को पहले ही बंद कर दिया था, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना को घटित होने से रोका जा सके. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.

बेहतर फूल-फल की उम्मीद

उद्यान विकास अधिकारी प्रवीण मेहता, विकास खंड रामपुर ने बताया कि, “बर्फ़बारी से सेब एवं अन्य शीतोष्ण फसलों की चिलिंग आवर्स पूरी होने में सहायता मिलेगी, जिससे आगामी मौसम में बेहतर फूल और फलन की संभावनाएं बढ़ेंगी. बर्फ़बारी के कारण बगीचों में पर्याप्त नमी उपलब्ध हो रही है, जो फसलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी.

इस समय बागवान अपने बगीचों में तौलिए बनाने के साथ-साथ गोबर की अच्छी खाद, सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) और म्यूरिएट ऑफ पोटाश (MOP) का उचित मात्रा में प्रयोग कर सकते हैं. इससे पौधों की जड़ों को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी.”

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