हिमखबर डेस्क
लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर किरतपुर–मनाली फोरलेन की रफ्तार रोक दी है। मंडी से थलोट तक का मार्ग शनिवार सुबह से पूरी तरह बाधित हो गया है। कई स्थानों पर पहाड़ों से भारी मलबा व पत्थर सड़क पर गिरने से सैकड़ों वाहन फंस गए हैं और लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सबसे अधिक प्रभावित स्थानों में 9 मील, जागर नाला, पंडोह डैम के पास कैंची मोड़, दयोड़, जोगणी माता मंदिर और दवाड़ा फ्लाईओवर शामिल हैं। यहां भूस्खलन और नालों का पानी सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
14 अगस्त की रात से हालात बिगड़े
14 अगस्त की रात को भारी बारिश के चलते पंडोह डेम से आगे कैंची मोड़ और जोगणी मोड़ के पास भारी भूस्खलन हुआ था। रातभर रास्ता बंद रहा और सुरक्षा कारणों से मलबा हटाने का काम शुरू नहीं किया जा सका। 15 अगस्त की सुबह 5 बजे से कार्य शुरू हुआ और करीब 9 बजे किरतपुर–मनाली फोरलेन बहाल हो पाई। लगभग 14 घंटे बाद इस मार्ग से गाड़ियां गुजर सकीं।
औट सुरंग हादसा और जाम
15 अगस्त की दोपहर औट सुरंग के पास एक जीप और ट्रक की जोरदार टक्कर हुई, जिसमें जीप सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद मार्ग करीब एक घंटे तक बंद रहा। जाम की स्थिति इतनी भयावह थी कि मंडी से औट पहुंचने में वाहनों को लगभग पांच घंटे का समय लग गया।
16 अगस्त को फिर बंद हुई फोरलेन
16 अगस्त सुबह 5 बजे से लगातार हो रही बारिश के चलते एक बार फिर मंडी–कुल्लू मार्ग पर किरतपुर–मनाली फोरलेन बंद हो गई है। फिलहाल बारिश रुकने का इंतजार किया जा रहा है क्योकि गीले मौसम में मलबा हटाना जोखिम भरा माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि बारिश थमने के बाद ही राहत कार्य शुरू किया जा सकेगा।
प्रशासन की अपील
बारिश और भूस्खलन के चलते सैकड़ों यात्री और वाहन फंसे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और फिलहाल अनावश्यक यात्रा से बचें।