पैरा फिटर, पंप ऑपरेटर और मल्टीपर्पज वर्कर के भरे जाएंगे 5,000 पद – उपमुख्यमंत्री

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शिमला – नितिश पठानियां

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग में पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटर, मल्टीपर्पज वर्कर के 5,000 पद भरे जाने हैं। 2,500 पद भर दिए हैं। शेष को लेकर हर विधानसभा क्षेत्र में प्रक्रिया जारी है। पूर्व सरकार पर कुछ ही विधानसभा क्षेत्रों में भर्तियां करने का आरोप लगाते हुए युक्तिकरण करने के फैसले से भी अवगत कराया।

भाजपा विधायक रीना कश्यप के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व सरकार के समय जिन विधानसभा क्षेत्रों में कम पद भरे गए थे, उस गैप को पूरा किया जा रहा है। पूर्व सरकार के समय में कुछ क्षेत्रों में 1,500 पद भरे गए। कुछ में कोई भर्ती नहीं हुई। सरकार इस पूरी प्रक्रिया का युक्तिकरण कर रही है। इससे यह साफ होगा कि कहां कितने पदों की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि पैरा वर्कर एवं जल रक्षकों को सरकार की ओर से निर्धारित नीति के तहत निर्धारित मानदेय के आधार पर रखा जाता है। पैरा वर्कर और जल रक्षकों पर कोई सेवा नियम लागू नहीं होते। किसी भी श्रेणी के कर्मचारियों का मानदेय लंबित नहीं है। कुछ भर्तियां ठेकेदारों के माध्यम से हुई है और वहां पर मानदेय जारी होने में देरी का मामला हो सकता है।

इससे पूर्व विधायक रीना कश्यप ने सवाल किया कि जल शक्ति विभाग में पैरा-फिटर, पैरा-पंप ऑपरेटर, जल रक्षक और मल्टीपर्पज वर्करों के कुल कितने पद स्वीकृत किए गए और वर्तमान में कितने कार्यरत हैं। कितनी परियोजनाएं ऐसी हैं जिन पर स्थायी कर्मचारी न होने से ये परियोजनाएं आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर से चलाई जा रही हैं। उन्होंने कुछ मंडलों में मानदेय न मिलने की भी बात भी कही।

भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सोलर रुफटॉप की बिजली खरीद के फार्मूले से बोर्ड प्रबंधन उपभोक्ताओं से लूट कर रहा है। प्रश्नकाल के दौरान मामला उठाते हुए विधायक ने कहा कि जब मैं ऊर्जा मंत्री था, तब यह योजना आई। 80 फीसदी की सब्सिडी मिलती थी। मेरा 40 किलोवाट का संयंत्र लगा है।

बोर्ड ने बिजली खरीद के लिए फैक्टर-तीन को खड़ा कर नई परेशानी कर दी। रुफटॉप सोलर से जो बिजली पैदा होती है उसे प्रति यूनिट तीन से गुणा करना समझ से परे है। जब मेरे घर में सोलर रुफटॉप खराब हुआ तो बहुत अधिक बिजली बिल आने पर मुझे इस बारे में पता चला।

जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह भोजन अवकाश के दौरान आपसे मिलकर इस समस्या को हल करें। इस पर विधायक ने कहा कि मुझे सारा मामला ज्ञात है, कोई जानकारी लेने की जरूरत नहीं।

मुकेश ने कहा कि सोलर रूफटॉप की प्रति यूनिट बिजली के दाम नियामक आयोग तय करता है। बिजली बोर्ड को तो सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। मामले में हस्तक्षेप करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले को सिर्फ विधायक अनिल शर्मा तक सीमित न रखा जाए। प्रदेश भर में कैसे इसका प्रभाव पड़ रहा है, यह भी देखा जाए। मैंने भी सोलर रूफटॉप लगाया है। बिल 5,000 रुपये आ रहा है।

विधायक अनिल शर्मा ने लगाया सवाल का भाव बदलने का आरोप

भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने उनकी ओर से पूछे गए सवाल को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का सदन में आरोप लगाया। प्रश्नकाल के दौरान शर्मा ने कहा मैंने जो सवाल पूछा था उसका भाव बदल दिया गया है। मेरा सवाल था कि सोलर रूफटॉप योजना में उपभोक्ताओं को किस प्रकार से नुकसान हो रहा है जबकि सवाल बना दिया कि बिजली बोर्ड को कितना नुकसान हो रहा है।

हमारे लोगों को तो ले गए, अब उनके बारे में बोलने भी नहीं दे रहे

उपमुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि विधायक अनिल शर्मा मुख्यमंत्री के अच्छे दोस्त हैं। इस पर विपक्ष ने टोकते हुए कहा कि क्या यह सवाल का जवाब है। इस पर मुकेश ने कहा कि हमारे लोगों को आप पहले ही गए हैं। अब उनके बारे में कुछ बोलने भी नहीं दे रहे।

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