पिता की मौत के बाद भी जारी रखी घर की परंपरा, होनहार बेटी ने आज भी संजोए रखी है अद्भुत कलाकारी।

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चम्बा – भूषण गुरुंग

आज हम अपने दर्शकों को एक ऐसी लड़की कलाकार की कला की दर्शाने का प्रयास कर रहे है, जिन्होंने अपने स्वर्गीय पिता की इस कला को विरासत के तौर पर संभालते हुए उस आज तक जिंदा रखे हुए है। उनका कहना है वह इस कला को अपने स्वर्गीय पिता जिन्होंने भगवान श्रीराम जी के नवरात्रों और माता जी नो स्वरूपों को उकेरने ताउम्र लगा दी थी।

आज वह भी इस मूर्ति कला को पुनः जिंदा रखते हुए केवल क्षेत्र मास में लगने वाले नवरात्रों में काली माता की मूर्ति को पिछले कई से उकेर रही है। इस कलाकार का कहना है कि वे इस कला को व्यवसायिक तौर से नहीं बल्कि अपने स्वर्गीय पिता की याद में कर रही है, उनका कहना है कि वह इस कला को जब तक वह जीवित है करती ही रहेंगी।

यह है चंबा जिले के मोहल्ला चमेंसनी की रहने वाली लता जोकि चैत्र मास में लगने वाले नवरात्रों में काली माता की मूर्ति को उकेरने का काम करती है, और वह इस कार्य को पिछले कई वर्षों से निरंतर कर रही है। इनका कहना है कि चैत्र मास नवरात्री की दिनों में यह काली माता की दो मूर्तियों को हर वर्ष बनाती है।

उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों को बनाने इससे पहले मेरे स्वर्गीय पिता पूर्ण चंद ही इस कार्य को अंजाम दिया करते थे पर उनके देहांत के बाद यह परम्परा समाप्त न हो जाए मैने इस कम काज की डोर अपने हाथों में लेकर इस कार्य को जारी रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्य को करने में बड़ा ही सकून मिलता है, और वह इस कम को करके अपने पापा को श्रद्धांजलि के तौर पर अर्पित करती है।

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