
शिमला – नितिश पठानियां
कांग्रेस को छोडक़र भाजपा में शामिल हुए नालागढ़ के विधायक लखविंदर सिंह राणा के खिलाफ याचिका विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुंच गई है। याचिकाकर्ता संदीप कुमार ने भाजपा में शामिल होने को मतदाताओं से धोखा बताते हुए एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत विधायक की सदस्यता रद्द करने और आगामी चुनाव लडऩे पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि विधायक ने पार्टी बदल कर अपने मतदाताओं को धोखा दिया है और साथ ही उस पार्टी को भी, जिसके चुनाव निशान पर वह चुनाव जीते थे। यह भी कहा गया है कि लखविंदर सिंह राणा कांग्रेस से विधायक चुने गए थे। उन्होंने अपने निजी स्वार्थ के लिए कानून को तोड़ा है।
याचिकाकर्ता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 102-2 और 191-2 के तहत इनकी सदस्यता रद्द करने और चुनाव पर रोक लगाने की मांग की है। यह मांग भी की गई है कि विधायक के वर्तमान कार्यकाल में इन पर खर्च हुए वेतन- भत्तों की भी रिकवरी की जाए।
गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा कांगड़ा के कांग्रेस विधायक पवन काजल के साथ कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने भी एक अलग से शिकायत विधानसभा सचिव को दे रखी है।
