शिमला – नितिश पठानियां
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित 108 फीट ऊंची हनुमान ध्वजा स्थापना समारोह में भाग लेकर भगवान हनुमान का आशीर्वाद लिया।
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जाखू मंदिर प्रदेशवासियों की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां भगवान हनुमान की सबसे ऊंची प्रतिमा पहले ही स्थापित की जा चुकी है। सरकार इस क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से और अधिक विकसित करने के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मंदिर में भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाने की योजना भी प्रस्तावित है, जिसके लिए वन संरक्षण अधिनियम से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आधारभूत ढांचे को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। विशेषकर धर्मपुर, नाचन, करसोग और नेता प्रतिपक्ष के निर्वाचन क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को नुकसान से अवगत करवाकर राहत की मांग की है और उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय गृह मंत्री के हिमाचल दौरे से सहायता अवश्य मिलेगी।
सुक्खू ने कहा कि प्रभावितों का पुनर्वास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें गैर-वन भूमि पर बसाया जाएगा। वहीं, जिनके मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें राहत शिविरों में आश्रय दिया जा रहा है और किराए पर रहने वालों को 5,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने छोटा शिमला में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह का लोकार्पण किया, जिसे 4.15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी विश्राम गृहों को जल्द ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। साथ ही उन्होंने पर्यटकों से हिमाचल आने की अपील करते हुए कहा कि राज्य का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है।