चुवाड़ी/चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस आए दिन हर मोड़ पर खड़ी मिलती हैं। लोकल रुटौ में यह बसें से चलाई जा रही है। हर दूसरे से तीसरे दिन बीच रास्ते में यह बसें हाफ जाती हैं। जिससे सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचना पड़ता है। उसमें चाहे वह बच्चा हो कोई या बुजुर्ग या स्कूल के बच्चे हों उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जब निगम के अधिकारी से इसके बारे में बात की तो उन्होंने बोला कि यह पुरानी बसे हैं। जिससे इनमें कुछ खराबी आ जाती है। खराब होने के कारण यह रास्ते में रुक जाती हैं। यदि बसे खराब हैं तो निगम उन्हें सड़कों पर क्यों भेजता है? क्यों चलाई जा रही खराब बसें? यदि ऐसे में कोई अनहोनी घट जाती है, तो इसका जिम्मेवार कौन होगा?
चुबाडी से गगाहर फगोट के लिए लगी बस सप्ताह में तीन से चार दिन रास्ते में खड़ी मिलती है। जिससे लोगों को पैदल 7 से 8 किलोमीटर चलना पड़ता है। उसके बाद घर के लिए स्टेशन से पैदल दो से तीन किलोमीटर कर चढ़ाई चढ़कर पहुंचना होता है।
शाम के समय जब यह बस रास्ते में हाफ जाती है तो लोग रात के 11: बजे घर पहुंचते हैं। उसमें बच्चे औरतें सहित हों या स्कूल के बच्चे इससे उन्हें बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है।
चुबाडी अड्डा इंचार्ज जितेंद्र राणा के बोल
चुबाडी अड्डा इंचार्ज जितेंद्र राणा से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया के भटियात इतना बड़ा क्षेत्र है जिससे कि यह पुरानी बसें आए दिन हर मोड़ पर खड़ी हो जाती हैं। चुबाडी में मैकेनिक ना होने के कारण चंबा से मैकेनिक बुलवाने पड़ते हैं और तेल भी मात्र 600 लीटर चंबा से मिलता है। इसलिए आए दिन सवारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जब तक के हम दूसरी बस भेजें उसे समय तक लोग पैदल अपने घर पहुंच गए होते हैं।
आर एम चंबा के बोल
इसके बारे में जब हमने आरएम चंबा से जानना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। पहले भी कई बार इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने फ़ोन बंद कर दिया, फोन नहीं रिसीव किया करते हैं।

