
ऊना – अमित शर्मा
पशुपालन विभाग ने लंपी रोग के इलाज में लापरवाही बरतने और पशुपालकों से अतिरिक्त रुपये वसूलने के आरोप में चार फार्मासिस्टों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अंब और ऊना क्षेत्र के लोगों ने चार फार्मासिस्टों पर सरकारी दवाइयों के बदले रुपये वसूलने पर पशुओं के इलाज में गंभीर न होने का आरोप लगाया है।
वहीं, जिले में लंपी रोग के 357 नए मामले सामने आए और 29 पशुओं की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक लंपी संक्रमण के कुल 5,261 मामले सामने आ चुके हैं और 160 पशुओं की मौत हो चुकी है। इनमें से 1,236 पशु इस बीमारी से मुक्ति पा चुके हैं।
जिला पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. राजीव वालिया ने बताया कि लोगों में अब जागरूकता आ रही है। कहा कि पहले के मुकाबले नए मामले कम हुए हैं। लोग अब पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों से सीधा संपर्क कर रहे हैं। ऐसे में पशुओं को सही समय पर इलाज मिल रहा है।
बजरंग दल के साथ चलाया जाएगा अभियान
लंपी रोग पालतू पशुओं के साथ लावारिस गोवंश को भी अपनी जकड़ में ले रहा है। ऐसे पशुओं के इलाज के लिए पशुपालन विभाग अब अभियान चलाएगा। इसमें विभाग के अधिकारी बजरंग दल की मदद लेंगे।
पशुपालन विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें कोई पशु बीमार अवस्था में नजर आता है तो उसे इलाज के लिए बांध लें और पशुपालन विभाग से संपर्क करें।
जय सिंह सेन, उपनिदेशक, जिला पशुपालन विभाग के बोल
लंपी रोग के मामले पहले से कम हो रहे हैं। लोग अब बताई गई सावधानियों को बरत रहे हैं। मौत के मामलों भी आने वाले दिनों में कमी आएगी।
