
नई दिल्ली, व्यूरो, रिपोर्ट
देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए इसका आदेश जारी किया। केंद्रीय बैंक ने एचडीएफसी बैंक के कार/ऑटो लोन पोर्टफोलियो में कई अनियमिताएं पाईं। इस संबंध में एक व्हिसिल ब्लोअर ने आरबीआई से शिकायत की थी। केंद्रीय बैंक ने मामले में एचडीएफसी बैंक के अपने ग्राहकों को एक थर्ड-पार्टी नॉन-फाइनेंशियल प्रोडक्ट की बिक्री और मार्केटिंग करने के दस्तावेजों की जांच की और इसे बैंकिंग नियमों का उल्लंघन पाया।
रिजर्व बैंक ने अपनी जांच में इस मामले को बैंकिंग विनियमन कानून-1949 की धारा-8 और धारा-6(2) का उल्लंघन पाया। इसे लेकर उसने एचडीएफसी बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए। इस मामले में आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के नोटिस पर जवाब और सुनवाई के दौरान मौखिक बयान पर विचार किया।
उसने बैंक की ओर से दिए गए स्पष्टिकरण और दस्तावेजों पर भी गौर किया लेकिन संतुष्ट नहीं होने के बाद उसने एचडीएफसी बैंक पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा दिया है। आरबीआई देश में बैंकिंग प्रणाली का रेग्युलेशन करता है। ऐसे में बैकिंग नियमों का उल्लंघन करने पर आरबीआई को बैंकिंग विनियमन कानून-1949 की धारा-47(1)(सी) और धारा-46(4)(आई) के तहत बैंक पर कार्रवाई करने और जुर्माना लगाने का अधिकार है।
एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इसका मुख्यालय महाराष्ट्र के मुंबई है। शेयर बाजारों में ये बीएसई पर ये सेंसेक्स की 30 कंपनियों में शामिल है। वहीं इसके कर्मचारियों की संख्या लगभग 1.20 लाख और इसकी शाखाएं 5,500 के करीब हैं।
