उपायुक्त ने बस अड्डा परिसर की दीवारों पर उकेरी कलाकृतियों का किया अवलोकन, जमकर की सराहना
चम्बा – भूषण गुरूंग
चम्बा का इतिहास एक हजार वर्ष से भी ज्यादा प्राचीन है और इस ऐतिहासिक नगरी की प्राचीन संस्कृति उनके रहन सहन, खानपान की कितनी महता है उसको विश्व के हर कोने में कैसे पहुंचाया जाए उसके लिए जिला प्रशासन चम्बा के प्रमुख स्थानों पर चम्बा की प्राचीन धरोहर को पेंटिंग के जरिए उकेर रहा है।
इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा चम्बा के मुख्य बस अड्डे पर कुछ कलाकारों ने चम्बा की सबसे प्राचीन संस्कृति की बस अड्डे की दीवारों पर उकेरने का कार्यक्रम शुरू कर दिया है।
कलाकारों द्वारा इन कलाकृतियों को जिस तरह से रंगरूप ढल कर उकेरा गया है उसे जो कोई भी आने जाने वाला देख रहा है वो बस देखता ही रह जा रहा है।
कलाकारों ने बताया कि इन कलाकृतियों को उकेरने का हमारा एक ही मकसद था कि बाहर से आने वाले हर कोई इन पेंटिंग को देखे और चंबा की प्राचीन धरोहर कि पहचान करके उनके इतिहास को जाने। इन लोगों का यह कहना था कि इसी तरह की और भी कला कृतियों को चंबा के मुख्य स्थानों पर उकेरा जाएगा।
करीब आधा दर्जन कलाकृतियों को हम बना चुके इन कलाकारों ने बताया कि हमे जिला प्रशासन की और से जिस तरह के आदेश मिले थे, हम लोगों ने उसी तरह से काम करते हुए चम्बा की प्राचीन धरोहर को बस अड्डे की मुख्य दीवारों पर उकेर रहे है।
उपायुक्त चम्बा मुकेश रेप्सवाल के बोल
इन कलाकारों की कलाकृतियों को देखने उपायुक्त चम्बा मुकेश रेप्सवाल चम्बा के मुख्य बस अड्डे पर पहुंचे और बनाई गई कलाकृतियों को बड़े ही ध्यानपूर्वक देखा और उन कलाकारों को सराहा।

